कोटरान्तः स्थिते वन्हिस्तरुमेकं दहेत्खलु  |
कुपुत्रस्तु  कुले  जातः स्वकुलं नाशयेत्यहो  ||
सुभाषितरत्नाकर

Meaning:
Oh ! while a fire inside a hollow of a tree burns only that tree,
even one wicked and aberrant son born in a family ruins the entire household.

एक वृक्ष के भीतर लगी आग सिर्फ उसी वृक्ष को नष्ट करती है न की वृक्ष के संपूर्ण कुल का ! परंतु एककुल में उत्पन्न कुपुत्र संपूर्ण कुल का नाश कर देता है !

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